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Thursday, February 25, 2016

रेल बजट 2016-17, सोच अपनी अपनी

रेल बजट 2016-17, सोच अपनी अपनी 
प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद ने आज कहा कि रेल बजट में जनता से धोखा किया गया है क्योंकि इसमें कुछ भी नहीं है। लालू ने कहा कि बजट में ‘सुरक्षा’ पक्ष की भी कोई चिंता नहीं की गयी है। लालू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''यह खत्म हो गया। बजट पटरी से उतर गया। रेल बजट में कुछ नहीं है। इसमें लोगों से धोखा किया गया है। आम बजट पेश हो जाने दीजिए और सब बंटाधार हो जाएगा।’’
संप्रग 1 के शासनकाल में रेल मंत्री रह चुके लालू ने कहा कि रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में उन्होंने 60 हजार करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय का लक्ष्य प्राप्त किया था। उन्होंने रेल बजट के लिए सरकार से कुछ नहीं मांगा था। लालू ने कहा कि देश में मानव रहित रेलवे क्रासिंग हैं जहां हर वर्ष सैंकड़ों लोग मारे जाते हैं। उन्होंने कहा कि गाड़ियाँ समय से नहीं चल रही हैं और आय के वैकल्पिक उपाय खोजे जाने चाहिए थे। 
तथा बिहार के मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार ने आज लोकसभा में प्रस्तुत किए गए रेल बजट को ‘निराशाजनक’ बताते हुए कहा कि इसमें स्वच्छता, सुरक्षा और गाड़ियों के नियत समय पर चलने को लेकर कोई भी प्रभावी बात नहीं कही गयी है। बिहार विधानमंडल परिसर में लोकसभा में प्रस्तुत रेल बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश ने कहा कि गाड़ियों का समय पर चलना, सफाई पर ध्यान देना, ये सब अब प्राथमिकता का विषय नहीं रहा है। 
उन्होंने कहा कि कहा गया है कि किराया नहीं बढ़ाया गया, तो इस बार तो किराया घटना चहिए था। जब विश्व के बाजार में तेल के मुल्य घट गए और रेलवे तेल का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, तो वैसी स्थिति में यात्री और माल भाड़ा घटना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एक बात विचित्र लगी कि गाड़ियों में सुविधाओं के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। नीतीश ने कहा कि जब वह रेल मंत्री थे, तो जन साधारण एक्सप्रेस गाड़ियां चलायी गयी थी और वह प्रथम ऐसी गाडी थी, जिसमें सारे डिब्बे अनारक्षित थे और प्रथम बार अनारक्षित डिब्बों को एक-दूसरे से जोड़ा गया था। उसमें कई प्रकार के सुरक्षा के उपाय किए गए थे तथा यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा गया था। 
जबकि भाजपा के तीसरे धुर विरोधी तथा उ.प्र. के क्षत्रप, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने जाकर रेलमंत्री सुरेश प्रभु को किराया नहीं बढ़ाया जाने पर बधाई दी। 
दूसरी ओर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज आशा जतायी कि रेल गाड़ियों में आवश्यकता के अनुसार आरक्षण की उपलब्धता, गाड़ियों के समय पर आने जाने, बिना चौकीदार वाले सभी समपारों को समाप्त करने और एक्सप्रेस गाड़ियों की औसत गति 80 कि.मी. प्रति घंटा करने जैसी जनता की लम्बे समय से चली आ रही आशाओं को 2020 तक पूरा किया जा सकेगा। वित्त वर्ष 2016.17 के रेल बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए प्रभु ने कहा, ''हमें आशा है कि हम 2020 तक आम आदमी की लम्बे समय से चली आ रही आशा को पूरा कर सकेंगे। इन आशाओं में गाड़ियों में आवश्यकता के अनुसार आरक्षण उपलब्ध होना, मालगाड़ियों के समय सारणी के अनुसार चलना और यात्री गाड़ियों के समय पर गंतव्य स्थान पर पहुंचा आदि शामिल है।’’
उन्होंने कहा कि लोग ये भी चाहते हैं कि मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों की औसत गति 80 कि.मी. तक बढ़ायी जाए और मालगाड़ियों की औसत गति 50 कि.मी. प्रति घंटा हो। प्रभु ने कहा कि लोगों की यह भी इच्छा है कि स्वर्णित चतुर्भुज पर उच्च गति गाड़ियां चलें और इनसे मलमूत्र के सीधे निकासी को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त लोग बिना चौकीदार वाले देश के सभी समपारों को समाप्त करना चाहते हैं। रेल मंत्री ने विश्वास दिलाया कि इन सभी बातों पर काम हो रहा है और आशा है कि 2020 तक इसे परिणाम तक पहुंचा दिया जायेगा।
रेल बजट भाषण में मंत्री द्वारा प्रस्तुत मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-
-रेल मंत्री ने कहा कि ये चुनौतियों का समय और सबसे कठिन समय है जिसका हम सामना कर रहे हैं।
-मुख्य उद्देश्य रेल को आर्थिक वृद्धि का इंजन बनाना, रोजगार सृजन करना और उपभोक्ताओं को उत्तम  सुविधाएं देना है।
-शुल्क राजस्व के अतिरिक्त राजस्व के नये स्रोतों का दोहन करेंगे।
-रेल मंत्री ने कहा- हमें आशा है कि परिचालन अनुपात वर्तमान वर्ष के 90 % की तुलना में 92 % होगा।
-वित्त वर्ष 2015.16 के बजट में बिजली समेत ईंधन लागत में 8,720 करोड़ रूपये की बचत
-रेल मंत्री ने कहा- हमने बड़े स्तर पर लंबित पड़े पुराने कार्यों को पूरा करने और भविष्य की आवश्कताओं को ध्यान में रखते हुए पूंजी व्यय को सुदृढ़ बनाया है और पूंजी व्यय की दर बढ़ायी है।
-वित्त वर्ष 2016-17 के लिए इस वर्ष निवेश 1.21 लाख करोड़ रुपए रहेगा। 
-आगामी वर्ष 2,800 कि.मी. नए रेलमार्ग का परिचालन आरम्भ करेंगे।
-रेलवे विद्युतीकरण पर व्यय में 50 % वृद्धि, आगामी वित्त वर्ष में 2000 कि.मी. रेल मार्ग का विद्यतीकरण किया जायेगा।
-रेलवे को सरकार से 40,000 करोड़ रुपए का बजटीय समर्थन मिलेगा।
-रेलवे वित्त वर्ष 2017.18 में नौ करोड़ और वित्त वर्ष 2018.19 में 14 करोड़ मानव दिवस सृजित करेगा।
-रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों के किराये में छूट के चलते रेलवे को 30 हजार करोड़ रूपये का घाटा।
-रेल पुलों के निर्माण के लिए 17 राज्यों ने भारतीय रेलवे के साथ संयुक्त उद्यम बनाने पर सहमति व्यक्त की।
-124 सांसदों ने सांसद निधि से यात्री सुविधाओं के विकास में योगदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
-प्रभु ने कहा कि 400 रेलवे स्टेशनों को वाई-फाई युक्त बनाया जाएगा, इस वर्ष 100 स्टेशनों पर यह सुविधा होगी।
-मंत्री ने कहा कि 400 स्टेशनों का सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम आधुनिकीकरण किया जाएगा।
-वित्त वर्ष 2016.17 में रेलवे पूर्णतया कागज मुक्त अनुबंध व्यवस्था को अपना लेगा।
-विगत वर्षों की तुलना में रेलवे का इस वर्ष का सुरक्षा रिकार्ड सुधरा किन्तु अभी भी आवश्यकता बहुत कुछ करने की  है। 
-रात्रिकालीन चलने वाली डबल डेकर उदय एक्सप्रेस गाड़ी को व्यस्त मार्गों पर चलाया जायेगा। इन गाड़ियों में सामान्य गाड़ियों से 40 % अधिक यात्री यात्रा कर सकते हैं।
-तीन सीधी और पूर्णत: वातानुकूलित ‘हमसफर’ रेल गाड़ियां 130 कि.मी. प्रति घंटे के गति से चलेंगी।
-कुछ चयनित स्टेशनों पर पायलट आधार पर बार कोड वाले टिकट का आरम्भ होगा।
-वित्त वर्ष 2016.17 के रेल बजट में उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम समर्पित फ्रेट कारिडोर का प्रस्ताव किया गया है।
-पत्रकारों के लिए रियायती दर पर टिकटों की ई-बुकिंग प्रस्तुत की गई। 
-मांग आधारित रेल डिब्बों की सफाई की व्यवस्था प्रस्तुत होगी। 
-अशक्त लोगों के लिए इस वर्ष 11 ए श्रेणी के स्टेशनों पर विशेष शौचालय बनाये जायेंगे। 
-रेलवे के आरक्षण कोटे में महिलाओं को 33 % आरक्षण दिया जाएगा। 
-ट्रेनों में पायलट आधार पर बच्चों के खाने की अलग से व्यवस्था प्रस्तुत होगी। 
-रेलवे वरिष्ठ नागरिकों के लिए निचली सीट का कोटा बढ़ाकर 50 % करेगी। 
-अजमेर, अमृतसर, गया, मथुरा, नांदेड, नासिक, पुरी, तिरूपति, वाराणसी, नागपत्तनम और अन्य पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा। 
मोदी ने कहा कि यात्री भाड़े में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं करने वाला रेल बजट सभी वर्गों के लिए है, जिसमें राष्ट्रीय परिवहन विभाग को पुनर्संगठित करने के लिए दृष्टि प्रस्तुत की गयी है। उन्होंने कहा कि इस बजट में उच्च गति और सुरक्षा के साथ गाड़ियां उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2016.17 के रेल बजट को ‘‘यात्री केंद्रित’’ बताते हुए मोदी ने कहा कि इसमें यात्री भाड़े में कोई वृद्धि नहीं की गयी है और यह देश में नए प्राण डालने में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करेगा।
उन्होंने कहा कि बजट में समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है और यह ‘‘शानदार है क्योंकि यह ढांचागत विकास के साथ रोजगार सृजित करने वाला बजट है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस ‘‘विकासोन्मुखी बजट’’ से रेलवे का पूरा कायापलट करने के सरकार के प्रयासों को और अधिक गति मिलेगी। मोदी ने कहा, ''रेल बजट पुनर्गठन, ढांचागत विकास और रेलवे में नयी जान डालने की दृष्टि पेश करता है जिसमें नयी प्रक्रियाओं, ढांचे, नियमों और राजस्व के स्रोतों को पेश किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि बजट में ‘विजन 2020’ रेलवे की क्षमताओं का विस्तार करेगा, जिसमें उच्च गति गाड़ी, समयबद्धता और सुरक्षा को ध्यान में रखा जाएगा। आईटी के साथ बजट में निवेश को महत्व दिए जाने को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा, ''गत वर्ष, हमने बहुत सफलता देखी और यह बजट इसमें और सुधार का प्रयास है।’’
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