YDMS चर्चा समूह

Sunday, March 13, 2016

यदि सेना प्रत्यक्ष कार्यवाही करे ?

यदि सेना प्रत्यक्ष कार्यवाही करे ? 
भारतीय सेना के एक सिपाही सुधीर कुमार द्वारा, बसन्तकुंज थाने में भेजी कथित प्राथमिकी के अनुसार, कन्हैया के कुकृत्य इनके धैर्य की सीमा पार कर चुके हैं। लिखित प्राथमिकी में कार्यवाही हेतु कहा गया है तथा आवश्यकता पड़ने पर देश के बाहर ही नहीं, अंदर के शत्रु भी मिटाना सेना का दायित्व है। 
इसमें कहा गया है कि मीडिया, कानून, राजनैतिक दल इन राष्ट्रद्रोहियों का साथ देकर यदि बाध्य किया गया, इसके लिए कोई धर्म, जाति का नाम लेकर फालतू की नेतागीरी करेगा, तो उसे उसी की भाषा में उत्तर दिया जायेगा कि देश में कैसे रहते हैं। बताया जायेगा कि देश ही हमारा धर्म है देश ही भगवान है। 
जिस प्रकार कन्हैया सटक गया सेना पर विषवमन करने लगा तथा आज तक या NDटीवी जैसे भड़वे, उसे नायक बनाकर देश के मूल्य पर अपनी TRP का खेल खेलने व अपनी जात दर्शाने लगे, उससे देश प्रेमियों का भी सटक जाना देर सबेर तो होना ही था। कोई देश ऐसे राष्ट्र द्रोहियों को कब तक सहन करे? 
जब सेना मैदान में उतर आये तब सामान्य कानून लागू नहीं होते अर्थात कोई बाधा बने तो उखाड दिया जायेगा। और कन्हैया ने तो स्वयं वो कर दिया, जब गीदढ़ का अंत आता है, तो वह शहर की ओर भागता है। या राष्ट्र के शत्रु का अंत आता है तो वह सेना के मार्ग में आता है। 
अब या तो वो सभी राष्ट्रद्रोही साथियों सहित चल, आये घुटनो के बल। या सेना की प्रत्यक्ष कार्यवाही से अपने अंत को रहे तैयार। होश्यार, ख़बरदार; दूसरे शब्दों में, हो सतर्क या पाएं नर्क। 


नकारात्मक भांड मीडिया जो असामाजिक तत्वों का महिमामंडन करे,
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प्रेरक राष्ट्र नायको का यशगान -युगदर्पण मीडिया समूह YDMS - तिलक संपादक

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