अजमल कसाब को फांसी देने के समाचार से उठे कई प्रश्न व शंकाएँ ??
1) स्वयं के फैसले को भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 अगस्त 2012 पर सही ठहराया गया था [11 इंडियन एक्सप्रेस ??
2) कसाब को 21 नवम्बर 2012 के 07:30 पर फांसी पर लटका दिया गया था।..??
3) ये कागज के तथ्य हैं, तथ्यों को सबूत की जरूरत है, भले ही वे उन्हें हेरफेर कर सकते। विकिपीडिया भी पहले डेंगू से मरने की पुष्टी कर रहा था, किंतु 1 घंटे के अन्दर अन्दर सच बदल कर रख दिया गया। जब wikipedia तक के तथ्य बदले गए, तब .....।...??
4) तीस्ता जावेद, शबनम हाश्मी, नंदिता दास, महेश भट्ट, आफिसा रिजवी, राहुल बोस और टीम केजरीवाल से संदीप पांडे, मल्लिका साराभाई, मेधा पाटकर, शाजिया इल्मी .. और आठ सांसद जिसमे ओबैसी, ए रहमान, उन 210 लोगो में शामिल है, जिन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिख्रकर अजमल कसाब को फांसी न देने की अपील की थी| जब यह सत्य माना जाये, तब अजमल कसाब को फांसी देने के समाचार से, उन 210 लोगो के शांत रहने का कारण क्या है
No comments:
Post a Comment