- दिल्ली में कानून संशोधन के समर्थकों और विरोधियों में झड़प
- 13 लोगों की मृत्यु, दिल्ली में अब स्थिति सामान्य
दिल्ली अति गंभीर स्थिति में बदल रही है। नागरिकता कानून(सीएए) पर भड़की हिंसा के कारण से अब तक 10 लोगों की मृत्यु हो गई है। कई क्षेत्रों में दो समुदायों के बीच हिंसा भड़की, जहां स्थिति अनियंत्रित हो गई। जब कुछ स्थानों पर हिंसा भड़क रही थी, वहीं एक जगह सांप्रदायिक सौहार्द्र की झलक देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी के पार्षद ने एक मुस्लिम परिवार को हिंसक भीड़ का शिकार होने से बचा लिया।
मुस्लिम परिवार के घर को भीड़ आग की भेंट करने जा रही थी, तभी पार्षद ने आगे आकर बचा लिया। यमुना विहार का एक स्थानीय पार्षद मुस्लिम परिवार की सहायता में आगे आया और उनका घर जलने से बचा लिया। 150 लोगों की हिंसक भीड़ उस घर को जलाने जा रही थी। युगदर्पण® से बातचीत करते हुए, उस परिवार के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर सोमवार रात 11 बजकर 30 मिनट की घटना बताई।
उन्होंने कहा, 'भीड़ उनके पड़ोस में बढ़ने लगी। भीड़ नारे लगा रही थी। भीड़ एक ऐसी सड़क से प्रवेश हो रही थी, जहां पुलिस ने सड़क बन्द नहीं की थी। यह क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य है। यहां पुलिस प्रदर्शनकारियों को प्रविष्ट होने से रोक रही थी। भीड़ ने गैरेज से हमारी कार को बाहर निकाल लिया और बाइक भी बाहर निकाल ली।'
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बुटीक को भीड़ ने जलाया, 20 लाख की क्षति
पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि भीड़ ने एक बुटीक को उसके घर के सामने आग को सौंप दिया। यह बुटीक किराए पर ही था। भीड़ मेरी कार और बाइक जलाने वाली थी। मेरे किराएदार की दुकान में उन्होंने तोड़फोड़ की। उसे प्राय: 20 लाख की क्षति पहुंची। भीड़ ने परिवार का उत्पीड़न भी किया।
भाजपा पार्षद के पीड़ित मुस्लिम परिवार से अति मधुर सम्बन्ध हैं। जैसे ही उन्होंने हंगामा बढ़ते देखा, वे भीड़ से होकर परिवार के पास पहुंचे और भीड़ को और अधिक क्षति पहुंचाने से रोका। इस परिवार में एक 2 माह का बच्चा भी है। बच्चे को भीड़ के प्रहार से बाहर निकालने में कठोर श्रम करना पड़ा।
भाजपा पार्षद ने घर जलने से बचाया।
पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने कहा, 'जैसे ही तनाव बढ़ा मैं अपने परिवार के साथ भाग गया। वह भाजपा पार्षद ही था, जिसने मेरा घर जलने से बचाया।' यह सूचना तब सामने आई है, जब दिल्ली हिंसा की आग में जल रही है। संसंका के समर्थक और उसके विरोधी दोनों के बीच हुई यह झड़प, तब हुई जब भारत में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल्ली में ही हैं। पुलिस दावा कर रही है कि स्थिति नियंत्रण में है किन्तु स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इन झड़पों में कम से कम 150 लोग घायल हुए हैं, वहीं 13 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
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